अब बंगाल कश्मीर बनना शुरू हो रहा है ।
किसी काल मे महापुरुषो का घर रहा बंगाल आज बन रहा है हिंसा का घर ?
१५ अगस्त १९४७ मे धरम के आधार पर भारत और पाकिस्तान ये दोन देश बने इस वक्त बंगाल बिहार आसाम आदी राज्यो मे धरम के आधार पर हिंदू और मुस्लिम मे बडे दंगे हुए और मुस्लीम लोग सिधे बाग बांगलादेश चले गए और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थी आसाम और बंगाल मे बसे ।
प्रश्न ये है की मुस्लीम तो बांग्लादेश चले गए लेकीन फिर भी बंगाल मे मुस्लीम आबादी २० प्रतिशत से जादा कैसी हुई कहा से आए ये मुस्लीम ?
इसका जवाब है की हमारे देश की कुछ पार्टीया है की जो अपने देश का खयाल नही रखती , उनको देश के बर्बादी का कुछ फर्क नही पडता , उनको सिर्फ कुर्सी चाहिए । कैसी ये राजनिती
कुर्सी के लिए उन्होने बांग्लादेशी के डॉक्युमेंट बनवाए उनका वोटर आयडी बनवाया ! इसमे से ये समझ मे आता है की अपनी कुर्सी के लिए ये देशद्रोही राजनेता देश भी बेचने के लिए भी तैयार हो सकते है ।
उनको देश नही बल्की अपना स्वार्थ दिखता है
लेकीन उसका नतीजा आज बंगाल के हिंदु ओ को बरदास्त करना पडता है ।
आज भारत सरकार रोहिंग्या मुसलमानो को . बाहर करना चाहती है लेकीन आज उसका भी बंगाल मे विरोध हो रहा है
ये आगे भी ऐसा होता जाएगा तो आनेवाली नस्ले को भुगतना पडेगा ।
आज बंगाल मे पुरा डर का माहौल है कही किसी रॅली पर हमला हो रहा है तो कही हिन्दु ओ की हत्या हो रही है ।
किसी काल मे बंगाल अध्यात्म की और महापुरुषो की भुमी मानी जाती थी। बंगाल को पहले महापुरुषो की फॅक्टरी कहा जाता था लेकीन आज ठिक उल्टा हो गया
भारतीय आजादी आदोलन मे बंगाल के मंगल पांडे , सुभाषचंद्र बोस , स्वामी विवेकानंद , रामकृष्ण परमहंस ऐसे हजारो वीर सपुतो ने स्वतंत्यता के यज्ञ मे अपना पुरा जीवन समर्पित ।
इसीलिए तो कहते है बंगाल भुमी है बलीदान की बंगाल भुमी है महापुरुषो की
मंगल पांडे ने गोहत्या के खिलाफ गोसंवर्धन हेतु अपनी कुर्बानी दी ! आज उसी बंगाल की मुख्यमंत्री गोहत्या का समर्थन कर रही है ,
मंगल पांडे जहा होंगे ये सब देखकर रोते नही होगे ।
भारत माता की जय |
मेरा आप सबको एक छोटासा निवेदन है की इस लेख को जादा से जादा शेयर करे ताकी देशद्रोही नेता की निंद उड जाए ।
वन्दे मातरम ।
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