आखिर क्यु ?मोदीजी को नई संसद भवन बनाना है ये लेख पढकर आप कभी इसका विरोध नही करोगे

विश्व मे कोई देश अपनी गुलामी की निशानिया और प्रतिको को संभालकर नही रखता । परंतु भारत ने आज भी अपने गुलामी के निशानी को सझाकर रखा है  ये हमारे लिए बहुत दर्दनाक है ?   
            नई दिल्ली मे स्थीत जो भारत का पार्लमेन्ट है ( गोल ढाचा ) वह अंग्रेजो ने १९२६ मे निर्मित किया है , ये पालमेन्ट बनाने  के पिछे अंग्रेजो का बहुत बडा राज छिपा हुआ था । भारत को लुटने के लिए इसी ससदभवन मे कानुन पारीत करते थे । भारत मा को लुटने के लिए  इसी ( गोल ढाचे ) मे अंग्रेज योजनाए बनाते थे , क्रांतीकारी व देशभक्त की फाशी एवं सजा के कानुन अंग्रेज उसी संसदभवन मे पारीत करते थे ? देशभक्तो को कैसी खतरनाक सजा दी जाए  वह भी अंग्रेज इसी संसद मे अंग्रेज तय करते थे । 
         आज देश के आझादी को ७५ साल पुरे हो रहे है , देश के आझादी का अमृतमहोत्सव आ रहा है और हमारे आझाद भारत मे हम हमारा संसदभवन भी बना नही पाए ये देश के लिए और  हर देशभक्त के लिए बहुत  दुर्दैवी था , इसीलिए भारत के लिए मोदीजी नई संसदभवन बना रहे है ।
       इस नए ससद भवन के निर्माण से जरूर क्रांतीकारक एवं देशभक्तो के आत्मा को जरूर शांती जरूर मिलेगी क्यु की 
आप जानते है महात्मा गांधी ने भी एकबार अपने कडवे शब्दो मे " उडादो इसे " ऐसी आलोचना  की थी  ।
      भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्त ने इसी  (गोल ढाचे) पर बम्ब फेका था ।
      आज भी  भारत   अपना तंत्र चलाए ये आज भारत का  बहुत बडा दुर्दैवी है । इसी गुलामी से मुक्ती दिलाने के लिए हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री नई . संसद भवन का निर्माण कर रहे है ,         मोदीजी को स्वदेशी तंत्र बनाना है , शहीदो के सपने का भारत बनाना है , इसीलिए वे नई पार्लमेन्ट बना रहे है ।
 कृपया इसका विरोध मत किजीए । 

       मोदीजी ने  देश के लिए अपना परीवार सबकुछ छोडा है वे एक फकीर है ।
     मोदी है तो मुमकीन है । कश्मीर का  कानुन 370  हटाना इतना आसान नही था । उस समय मोदीजी के उपर  बहुत  आंतराष्ट्रीय  प्रेसर था । परंतु मॉ भारती का फर्ज निभाने हेतु उन्होने ये सब किया ।
    देश के स्वातंत्र्य के 75  वा महोत्सव हमारी अपनी स्वदेशी पार्लमेन्ट मे होगा ये हमारे . लिए बहुत गर्व की बात है ।
      

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